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मैं क्यूँ बनूँ एक और निर्भया?

मैं क्यूँ बनूँ एक और निर्भया?

सारे धरने, सरकारी वादे और कानून के बावजूद हर रोज एक और निर्भया 
अब बहुत हो गया, इंसानियत से भरोसा खो गया, पानी सर से गुज़र गया 
अब आप ही बताइये, मैं क्यूँ बनूँ एक और निर्भया?

इंसानी भेष में दरिंदे, विकृत मानसिकता के परिंदे, हैं मौके की तलाश में 
यौन शोषण के कारिन्दे, वासना के अन्धे, लिप्त हैं विभत्स्ता और लाश में 
अपनी आज़ादी, अपनी सुरक्षा का, मै खुद ही बनूँगी जरिया 
तब आप ही बताइये, मैं क्यूँ बनूँ एक और निर्भया?

मेरी तरफ लपकते भेड़ियों को, अब मैं खुद ही धुल चटाउँगी
आत्मरक्षा का ले प्रशिक्षण, मैं खुद अपनी लाज बचाउंगी 
किसी की बेटी, माँ बहिन किसी की, वधू किसी की और भार्या 
फिर आप ही बताइये, मैं क्यूँ बनूँ एक और निर्भया?

इन शरीर के भूखे भेड़ियों को कोई पाठ पढ़ाये नैतिकता का 
अबला नहीं मैं सबला हूँ, ले सबक नारी शक्ति और एकता का
ना हम भोग्या, ना हम कलियाँ, ना तितली ना परिया 
निर्णय आप ही लीजिये, मैं क्यूँ बनूँ एक और निर्भया? 
+Nirbhaya Jyoti Trust #Nirbhaya
रचयिता : आनन्द कवि आनन्द कॉपीराइट © 2015-16
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दीवाना सी तेरी सूरत – ब्रेथलेस

दीवाना सी तेरी सूरत – ब्रेथलेस

दीवाना सी, तेरी सूरत, कि लगती हो, प्यार की मूरत,

तेरी सूरत, पे अपनी जाँ, छिड़कता हूँ, ओ जान ए जाँ, ओ जान ए जाँ, 
हो जान ए जाँ

ज़ुल्फ़ों के साए में, हाय ज़िंदगी तमाम हो
नशीले लबों पे तेरे, बस मेरा ही नाम हो, बस मेरा ही नाम हो,
तेरा कज़रा, ये गज़रा, बनाता है, मुझे भँवरा,
कि बिखरा के, लट चलती हो, मुस्का के, निकलती हो,
इस मुस्का, पे अपनी जाँ, छिड़कता हूँ, ओ जान ए जाँ, ओ जान ए जाँ, 
हो जान ए जाँ

क्यों ना तेरे माथे की, बन जाऊँ बिंदिया
समां जाऊं अँखियों में, बनके मैं निंदिया, हाँ बनके मैं निंदिया,
खुशबु तेरी, साँसों में, जादू तेरी, आँखों में,
इन आँखों, का हर  सपना, लगता है मेरा अपना,
इस अपनेपन, पे अपनी जाँ, छिड़कता हूँ, ओ जान ए जाँ, ओ जान ए जाँ, 
हो जान ए जाँ

दीवाना सी, तेरी सूरत, कि लगती हो, प्यार की मूरत,
तेरी सूरत, पे अपनी जाँ, छिड़कता हूँ, ओ जान ए जाँ, ओ जान ए जाँ, 
हो जान ए जाँ

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नज़र

नज़र 

नज़र ना  हटाना, नज़र ना  चुराना, 
नज़र ना लगाना कोई मेरे दीवाने को, मेरे दीवाने को 
नज़रों के तीर मारो खींच के 
नज़र नज़रों से मिलालो, नज़र रस्ते में बिच्छालो,
नजार फ़िरालो मेरे आशिक की नज़रों से, आशिक की नज़रों से,
नज़रों के तीर मारो खींच के 
नज़र ना  हटाना, नज़र ना  चुराना, 
नज़र ना लगाना कोई मेरे दीवाने को, मेरे दीवाने को 
नज़रों के तीर मारो खींच के 
नज़रों से रुत बिखराके, नज़रों से नज़र बचाके,
नज़रों से बहकाके, मेरे दिलबर की नज़रों पे, दिलबर की नज़रों पे,
नज़रों के तीर मारो खींच के 
नज़र ना  हटाना, नज़र ना  चुराना, 
नज़र ना लगाना कोई मेरे दीवाने को, मेरे दीवाने को 
नज़रों के तीर मारो खींच के 
 रचयिता : आनन्द कवि आनन्द कॉपीराइट © 2015
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मैं शोर मचाउंगी

मैं शोर मचाउंगी 

लड़की  : सुन बलिए, ओए छलिये, मैं जान गई तेरा झूठ,
             चल छड़ बहका ना, तेरे नाल नहियो आना, मत कर जोरम जोर
लड़का  : नहीं ते
लड़की  : ते शोर मचाउंगी, मैं शोर मचाउंगी

लड़की  : मैं जानूँ तेरे फ़साने, झूठे तेरे तराने, तूं मुझपे ना डोरे डाल
             ये अदा तेरी मैं जानूँ, चाल तेरी पहचानूं , जा फँसा किसी को और
लड़का  : क्या कहा 
लड़की  : पुलिस बुलाऊँगी, मैं शोर मचाउंगी

लड़की  : मैं न मानू तेरी बात, तेरी घोड़ी और बारात,ये है तेरा प्रेमजाल   
             पर मैं नहि फँसनी, तेरी ओर नहीं तकनी, दिल ले गया मेरा चोर
लड़का  : मैं हूँ ना 
लड़की  : तुझे तो जेल कराऊँगी , मैं शोर मचाउंगी

लड़की  : तूं झूठा तेरे वादे झूठे, झूठे तेरे सपने, तूं छलिया बेईमान 
             झूठे तेरे कसमें वादे,  झूठे तेरे इरादे, मैं कटी पतंग तूं डोर 
लड़का  : चक दूँ 
लड़की  : मैं तुझे छकाऊंगी, मैं शोर मचाउंगी 

लड़की  : तूं सच्ची साँच बतादे, जो दिल में तेरे जतादे , मत कर मुझे हैरान 
             क्यूँ करता हेराफेरी,  मैं होना चाहूँ तेरी, नहीं और कोई मेरा ठोर 
लड़का  : मैं आऊँ 
लड़की  : हाथ ना आउंगी  मैं शोर मचाउंगी 
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एक दूजे से प्यार


एक दूजे से प्यार

तूँ भी मरता, मैं भी मरती एक दूजे पे यार 
तूँ भी करता, मैं भी करती एक दूजे से प्यार 
मेरे भोले साजन तुझको अब तक समझ ना आया 
क्या?
कि मैं करने लगी 
क्या?
प्यार प्यार यार,  एतबार यार 
इकरार यार, इसरार यार 
सारे जग को छोडके मैंने तुझको ही अपनाया 
इस बंजर जमीं पे तुने प्यार का फूल खिलाया 
मेरे भोले साजन तुझको अब तक समझ ना आया 
क्या?
कि मैं करने लगी 
क्या?
प्यार प्यार यार,  एतबार यार 
इकरार यार, इसरार यार 
इस जमीं से ऊपर देखो जितने चाँद सितारे 
उनसे भी सुन्दर लगते हो कितने प्यारे प्यारे 
चुपके चुपके मेरे दिल में कैसे राह बनाया 
मेरे भोले साजन तुझको अब तक समझ ना आया 
क्या?
कि मैं करने लगी 
क्या?
प्यार प्यार यार,  एतबार यार 
इकरार यार, इसरार यार
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जानम

जानम 

जानम जान ए जानाँ 
हो तेरी बाहों में गुजरे ज़माना
 जानम जान ए जानाँ 
हो तेरी बाहों में गुजरे ज़माना
 तू मेरे मन का मीत है
तू ही मेरे होठों का गीत है 
जीत है ये प्यार की, दुनिया की हार की 
आशिकी मेरे यार की, क्या दुनिया से छिपाना 
जानम जान ए जानाँ 
हो तेरी बाहों में गुजरे ज़माना
 तू ही मेरी अंखियों का नूर है 
तू ही मेरे प्यार का सरूर है 
कोई बात तो जरूर है, इसीलिए दूर है 
क्या प्यार का गरूर है, ज़रा मुझको भी बताना 
जानम जान ए जानाँ 
हो तेरी बाहों में गुजरे ज़माना 
मुझे अपने जानम पे नाज़ है 
 तू ही मेरे प्यार का सरताज है
रूठी हूँ कुच्छ राज़ है, पर मुझको आती लाज है 
सुन्दर मधुर साज़ है, आ मिलके गाएं गाना 
जानम जान ए जानाँ 
हो तेरी बाहों में गुजरे ज़माना

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भीगी झीनी चदरिया

भीगी झीनी चदरिया 

 
तुझे क्या पड़ी, तुझे क्या पड़ी, चाहे मरुँ मैं मौत हज़ार , 
हाय तुझे क्या पड़ी 
बरस रही हूँ मैं जैसे कारी बदरिया 
भीग रही हूँ मै जैसे झीनी चदरिया 
लगी है झड़ी, लगी है झड़ी, गम की छींट फूहार, 
मेरे मन पे पड़ी 
तुझे क्या पड़ी, तुझे क्या पड़ी, चाहे मरुँ मैं मौत हज़ार , 
हाय तुझे क्या पड़ी 
 
तू आया ना तेरा सन्देशा
तकते नैना बाट हमेशा 
आँख गड़ी, आँख गड़ी, करते तेरी जुहार,
करदी देर बड़ी 
तुझे क्या पड़ी, तुझे क्या पड़ी, चाहे मरुँ मैं मौत हज़ार, 
हाय तुझे क्या पड़ी

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